
प्रशांत किशोर को राहत पटना सिविल कोर्ट से मिली जमानत
आरोप यह भी सामने आए कि पुलिस ने उन्हें थप्पड़ मारा और एक समर्थक ने अधिकारियों पर
उनका चश्मा फेंकने का आरोप लगाया। घटना से संबंधित वीडियो भी ऑनलाइन प्रसारित हुए
हैं। इससे पहले पटना डीएम डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने प्रशांत किशोर को लेकर बड़ा बयान दिया
था। चन्द्रशेखर सिंह ने कहा कि गांधी मैदान के प्रतिबंधित क्षेत्र में गांधी प्रतिमा के सामने कुछ
लोग अवैध रूप से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध रूप से विरोध प्रदर्शन
करने के आरोप में गांधी मैदान थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि बार-बार
अनुरोध करने और पर्याप्त समय देने के बाद भी जगह खाली नहीं की गई बल्कि वे प्रतिबंधित
क्षेत्र से नहीं हटे। पटना डीएम ने बताया कि आज प्रशांत किशोर के साथ 43 लोगों को हिरासत
में लिया गया। 15 वाहन जब्त किये गये हैं। पहचान के बाद पता चला कि वहां 43 में से 30
लोग छात्र नहीं थे। उन्होंने कहा कि उनमें से कुछ छात्र होने का दावा कर रहे हैं, हम इसकी
पुष्टि कर रहे हैं। अगर किसी ने दोबारा यहां विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश की तो सख्त
कार्रवाई की जाएगी। मामला कोर्ट में भेज दिया गया है। किशोर के समर्थकों के अनुसार,
पुलिस उन्हें मेडिकल जांच के लिए पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले गई।