
बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे इकबाल अंसारी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा की प्रशंसा
करना महंगा पड़ा। सरकार के पक्ष में उनके तर्कों से क्षुब्ध मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उन पर हमला किया।
शुक्रवार को अलविदा की नमाज पढ़ने के लिए वह मस्जिद गए थे, जहां उनके साथ मारपीट की गई।Ayodhya
बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे इकबाल अंसारी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा की प्रशंसा करना
महंगा पड़ा। सरकार के पक्ष में उनके तर्कों से क्षुब्ध मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उन पर हमला किया।
शुक्रवार को अलविदा की नमाज पढ़ने के लिए वह मस्जिद गए थे जहां उनके साथ मारपीट की गई।
उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत की। इस मारपीट की शिकायत इकबाल ने थाना रामजन्मभूमि
में की है।कोटिया निवासी इकबाल ने बताया कि मस्जिद में खिड़की खोलते समय अयूब उर्फ
पप्पू नामक व्यक्ति ने उनके साथ अभद्रता की।
मंदिर-मस्जिद विवाद पर सुप्रीम निर्णय का किया था स्वीकार
इकबाल अंसारी का कहना है योगी-मोदी सरकार के कार्यों की वह प्रशंसा करते हैं। इसके कारण
कुछ लोग उनसे नाराज रहते हैं। स्थानीय निवासी अयूब भी उनमें से एक है। अयूब के साथ चार
अन्य लोग भी थे। रामनगरी के लिए इकबाल अंसारी सौहार्द के प्रतीक माने जाते हैं। मंदिर-मस्जिद
विवाद पर सुप्रीम निर्णय आने के बाद इकबाल ने इसे स्वीकार किया और मुस्लिम पक्ष से भी
फैसले का सम्मान करने की अपील की थी।
पीएम मोदी और सीएम योगी के काम से प्रभावित हैं इकबाल
इकबाल अंसारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों से काफी
प्रभावित रहते हैं। इकबाल हमेशा सद्भाव की ही बात करते हैं। गत वर्ष रामनगरी में हुए पीएम
के रोड शो के दौरान इकबाल उन पर पुष्प वर्षा भी करते नजर आए थे।
बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे अंसारी पर हमला
इकबाल अंसारी कहते हैं कि कुछ लोग चाहते हैं कि शांति न रहे ताकि सौहार्द बिगाड़ने के लिए उन्हें
चंदा मिलता रहे। उनके साथ हाथापाई करने वाले भी उसी मानसिकता के लोग हैं। ऐसे लोगों पर
प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र पांडेय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया
गया है। कार्यवाही की जा रही है।