बैन हुए पाकिस्तान के परमाणु हथियार अमेरिका का तगड़ा एक्शन
नेशनल डेवलपमेंट कॉपलैक्स यानी एनडीसी पाकिस्तान की बैलेस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट के लिए खास एजेंसी है।
एनडीसी ने शाहीन सीरिज की मिसाइल विकसित की है। एनडीसी का मुख्यालाय इस्लामाबाद में है। दरअसल,
अमेरिका के निशाने पर खास तौर पर इस्लामाबाद की शाहीन-III और अबाबिल परमाणु मिसाइलें हैं।
पाकिस्तान खुद को
बांग्लादेश का दोस्त बता रहा है। लेकिन पाकिस्तान को अमेरिका से भी झटका
मिल रहा है। पाकिस्तान पर अमेरिका का बड़ा एक्शन हुआ है और उसके मिसाइल प्रोग्राम पर ब्रेक लगा
दिया गया है। कर्ज, कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान को अमेरिका ने फिर बड़ा झटका दे दिया है। अमेरिका
ने पाकिस्तान का सपना चकनाचूर कर दिया है। अमेरिका ने बैलेस्टिक मिसाइल से जुड़ी पाकिस्तान की
चार बड़ी कंपनियों पर बैन लगाया है। बाइडेन के एक्शन से पाकिस्तान अब चौंक गया है। जिन कंपनियों
पर अमेरिका ने पाबंदी लगाई है उसमें पाकिस्तान की एनडीसी भी शामिल है जिसने शाहीन मिसाइल को
डेवलप किया है। दरअसल, पाकिस्तान की लंबी दूरी की मिसाइल से होने वाले खतरे को देखते हुए
अमेरिका ने पाकिस्तान की चार संस्थाओं पर पाबंदी लगा दी है। पाकिस्तान की रक्षा एजेंसी एनडीसी
यानी नेशनल डेवलपमेंट कॉपलैक्स और अख्तर एंड संस प्राइवेट लिमिटेड, एफिलिएट्स इंटरनेशनल,
रॉकसाइट इंटरप्राइज पर अमेरिका ने बैन लगा दिया है।
बैन हुए पाकिस्तान के परमाणु हथियार अमेरिका का तगड़ा एक्शन
नेशनल डेवलपमेंट कॉपलैक्स यानी एनडीसी पाकिस्तान की बैलेस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट के लिए खास
एजेंसी है। एनडीसी ने शाहीन सीरिज की मिसाइल विकसित की है। एनडीसी का मुख्यालाय इस्लामाबाद
में है। दरअसल, अमेरिका के निशाने पर खास तौर पर इस्लामाबाद की शाहीन-III और अबाबिल परमाणु
मिसाइलें हैं। इसलिए अमेरिका ने पाकिस्तान की लंबी दूरी के मिसाइल प्रोग्राम के खतरे को देखते हुए बैन
लगाया है। अमेरिका के इस फैसले की वजह से पाकिस्तान की इन प्रतिबंधित कंपनियों को अमेरिकी
सामान नहीं भेजा जाएगा। इतना ही नहीं। अमेरिका के नागरिक या बिजनेसमैन इन कंपनियों के साथ
न तो जुड़ सकेंगे और न ही कारोबार कर सकेंगे। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने एक
बयान में कहा है कि नेशनल डेवलपमेंट कॉपलैक्स और तीन कंपनियों पर ये प्रतिबंध एक कार्यकारी
आदेश के तहत लगाए गए जो सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार को और उनके वितरण के साधन
को लक्षित करता है। वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी कार्यवाही दुर्भाग्यपूर्ण और
पक्षपातपूर्ण है। सैन्य विषमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचाएगी।