
भारत ने बना दिया ऐसा आयरन डोम इजरायल भी देखकर रह जाएगा दंग
दरअसल, हमास के आतंकी इजरायल पर छोटे रॉकेट या मिसाइल से हमला करते हैं। हमास
के एक रॉकेट की कीमत 600 डॉलर होती है। लेकिन इस रॉकेट को रोकने के लिए आयरन
डोम से चलने वाली तामिर मिसाइल 50 हजार डॉलर की है। कई बार तो एक ही रॉकेट को
रोकने वाली दो तामिर मिसाइलें दागी जाती हैं। ऐसे में हमास तो इजरायल के ऊपर एक
साथ हजारों रॉकेट दागता है। लेकिन इन रॉकेट को रोकने के लिए इजरायल को इतना पैसा
खर्च करना पड़ता है। जितने में पाकिस्तान और बांग्लादेश को खरीदा जा सकता है। वैसे
इजरायल को आयरन डोम चलाने के लिए अमेरिका से फंडिंग मिलती है। मगर भारत
को इस तरह से कोई देश पैसे नहीं देता है। इसलिए भारत ने छोटे खतरों से निपटने के लिए
सस्ता लेकिन बेहद ही घातक हथियार बनाया है। भारत को लगा कि उसका पड़ोसी पाकिस्तान
भी रॉकेट या यूएवी से हमला कर सकता है। ऐसे में भारत ने भार्गवास्त्र स्वदेशी माइक्रो मिसाइल
सिस्टम बना दिया। छोटे हमलावर ड्रोन के लिए महंगी मिसाइलें इस्तेमाल करना न सिर्फ बेतुका,
बल्कि फिजूलखर्ची भी होगी। इसलिए भारत ने छोटे ड्रोनों को एकसाथ नष्ट करने के लिए नया
सिस्टम तैयार किया है। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इसे ‘भार्गवास्त्र’ नाम दिया
गया है, जो छोटे ड्रोनों से निपटने का सस्ता और प्रभावी तरीका है। इससे सेना के पैसे और
संसाधन बचेंगे। भारत के इस पहले स्वदेशी माइक्रो-मिसाइल सिस्टम के टेस्ट इस हफ्ते
गोपालपुर समुद्री फायरिंग रेंज मे हुए, जो सफल रहे। यह 6 किमी से भी ज्यादा दूर से उड़ने
वाली छोटी मशीनों और ड्रोन का पता लगा सकता है। यह मोबाइल प्लैटफॉर्म एकसाथ 64
से ज्यादा माइक्रो मिसाइलें दाग सकता है।