
राहुल गांधी ने DTC बस में किया सफर
राहुल गांधी ने लिखा कि जहां ड्राइवर और कंडक्टर अनिश्चितताओं के अंधेरों में जीने पर
विवश हैं, वहीं यात्रियों की सुरक्षा में निरंतर तैनात होमगार्ड्स 6 महीनों से वेतनहीन हैं।
इस उपेक्षा से त्रस्त, देश भर के सरकारी कर्मचारियों की तरह DTC वर्कर्स भी लगातार
निजीकरण के डर के साए में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये वो लोग हैं जो भारत को चलाते
हैं, प्रतिदिन लाखों यात्रियों के सफर को सुगम बनाते हैं – मगर समर्पण के बदले उन्हें
कुछ मिला है तो सिर्फ अन्याय। मांगें स्पष्ट हैं – समान काम, समान वेतन, पूरा न्याय!
वो भारी मन और दुखी दिल से सरकार से पूछ रहे हैं, “हम नागरिक पक्के तो नौकरी
कच्ची क्यों!”वीडियो में, गांधी एक ड्राइवर के साथ उबर की सवारी करते हुए दिखाई
दे रहे हैं, जिसके साथ उन्होंने पहले यात्रा की थी, इस दौरान उन्होंने गिग श्रमिकों के
सामने आने वाले मुद्दों पर प्रकाश डाला। सवारी के कारण पिछले बुधवार को सरोजिनी
नगर बस डिपो के पास डीटीसी ड्राइवरों, कंडक्टरों और मार्शलों के साथ उनकी बातचीत
हुई। गांधी ने फेसबुक पर अपनी बातचीत और बस यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए
कहा, “दिल्ली में ड्राइवर और कंडक्टर भाइयों और बस मार्शलों के साथ एक बैठक और
चर्चा हुई और फिर डीटीसी बस में एक मजेदार यात्रा हुई। प्रियजनों से उनके मुद्दों पर
बातचीत!” सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट इन आवश्यक श्रमिकों के संघर्षों की ओर
ध्यान दिलाते रहते हैं।