
शेयर बाजार के बढ़ने या गिरने पर दिल का दौरा
बता दें कि सबसे अधिक असुरक्षित व्यक्तियों में पुरुष, 65-74 वर्ष की आयु के लोग तथा
निम्न शिक्षा स्तर वाले व्यक्ति शामिल थे। शोधकर्ताओं ने मृत्यु का कारण अप्रत्याशित लाभ या
धन हानि के कारण उत्पन्न तीव्र मनोवैज्ञानिक तनाव को बताया है, भले ही यह केवल कागज पर
ही क्यों न हो, जिसके कारण रक्तचाप, हृदय गति और सूजन के स्तर में परिवर्तन हो सकता है,
जिससे हृदय संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। शेयर बाजार में अस्थिरता का मानसिक
स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है, जिससे अक्सर चिंता और अवसाद की भावनाएं बढ़
जाती हैं और लोग आत्महत्या के विचारों की ओर बढ़ जाते हैं।यह सब इस तथ्य के बावजूद है
कि दिन-प्रतिदिन के बाजार में उतार-चढ़ाव जरूरी नहीं कि दीर्घकालिक वित्तीय स्थिति को
परिभाषित करें। अध्ययन तनाव प्रबंधन तकनीकों को विकसित करने और स्वास्थ्य समस्याओं
को रोकने के लिए जब भी आवश्यक हो सहायता लेने के महत्व को रेखांकित करता है।अध्ययन
में शामिल सभी व्यक्ति आवश्यक रूप से प्रत्यक्ष रूप से शेयर बाजार में भागीदार नहीं थे, अध्ययन
में शेयर बाजार के बाहर के अन्य कारकों को ध्यान में नहीं रखा गया है, इसमें व्यक्तियों की वित्तीय
स्थिति का भी ध्यान नहीं रखा गया है, तथा चूंकि यह अध्ययन पूर्णतः चीन पर आधारित था,
इसलिए इसमें अन्य देशों के साथ समानताएं पाई जा सकती हैं या नहीं भी पाई जा सकती हैं।