हिट एंड रन कानून के खिलाफ बस-ट्रक चालकों का चक्का जाम, कई पेट्रोल पंप खाली; लगी लंबी कतारें

सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिली

नई दिल्ली। Hit and Run Case Protest Live Update: हिट एंड रन कानून में सजा को सख्त किए जाने

के विरोध में वाहन चालकों की हड़ताल का आज दूसरा दिन है। दिल्ली,

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में हड़ताल का असर दिखाई दे रहा है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिट एंड रन मामलों को लेकर नए कानून के खिलाफ

यूपी राज्य परिवहन के बस चालकों ने हड़ताल की। हिट-एंड-रन कानून के

खिलाफ ट्रक ड्राइवरों के विरोध प्रदर्शन के कारण छत्तीसगढ़ के रायपुर में

लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिली।

हिट एंड रन कानून के खिलाफ बस-ट्रक चालकों का चक्का जाम

महाराष्ट्र के नागपुर में वाहनों चालकों की हड़ताल का दूसरे दिन

असर दिखाई दे रहा है। सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।

वाहन चालकों की हड़ताल का असर मध्य प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिला।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज कॉलेज और स्कूल वाहन नहीं चले,

जिससे स्कूल जाने वाले छात्रों और शिक्षकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

हिट एंड रन कानून के खिलाफ बस-ट्रक चालकों का चक्का जाम

वहीं, ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल के चलते ईंधन आपूर्ति बाधित होने से भोपाल में कई पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें लग गई हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने पुलिस को दिया निर्देश

महाराष्ट्र सरकार ने वाहन चालकों की हड़ताल को देखते हुए पुलिस

को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने

पुलिस को कहा है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए

हिट एंड रन कानून के खिलाफ बस-ट्रक चालकों का चक्का जाम

हिमाचल प्रदेश में भी हड़ताल का असर सुबह से देखने को मिल रहा है।

ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के हड़ताल के कारण धर्मशाला में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी हुई हैं।

हिट एंड रन कानून के खिलाफ बस-ट्रक चालकों का चक्का जाम

हिट एंड रन कानून के खिलाफ बस-ट्रक चालकों का चक्का जाम

बता दें कि नए कानून के तहत टक्कर मारकर भागने और दुर्घटना की सूचना न

देने पर चालकों को 10 साल तक की जेल की सजा और

जुर्माने का प्रविधान किया गया है। पहले आईपीसी की धारा 304ए

(लापरवाही से मौत) के तहत आरोपित को केवल दो साल तक की जेल हो सकती थी।

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