
अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) की परिचालन क्षमता 15.53 गीगावाट तक पहुंच गई है,
जिसमें 11 गीगावाट सौर और 1.9 गीगावाट पवन शामिल है। कंपनी ने सोमवार को कहा कि 15,539.9
मेगावाट का परिचालन खंड 79 लाख मकानों को बिजली मुहैया करा सकता है। इसमें 11,005.5 मेगावाट सौर,
1,977.8 मेगावाट पवन और 2,556.6 मेगावाट पवन-सौर हाइब्रिड क्षमता शामिल है।एजीईएल के मुख्य कार्यपालक
अधिकारी (सीईओ) आशीष खन्ना ने बयान में कहा, ‘‘ हमारा लक्ष्य 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता वृद्धि को
15,000 मेगावाट से बढ़ाकर 50,000 मेगावाट करना है।538 वर्ग किलोमीटर में बना यह संयंत्र पेरिस के आकार
का पांच गुना है
और इसे अंतरिक्ष से भी देखा जा सकेगा।इसके पूरा होने पर यह सभी ऊर्जा स्रोतों के संदर्भ में विश्व का सबसे बड़ा
विद्युत संयंत्र होगा। एजीईएल ने अब तक खावड़ा में 5,355.9 मेगावाट अक्षय ऊर्जा की संचयी क्षमता का संचालन किया है।
अदाणी ग्रीन एनर्जी ने 15 गीगावाट परिचालन क्षमता को किया पार
हम भारत और विश्व को सतत ऊर्जा समाधानों से ऊर्जा प्रदान करने के अपने लक्ष्य पर अडिग हैं।’ जीईएल गुजरात
के कच्छ में खावड़ा की बंजर भूमि पर 30,000 मेगावाट का दुनिया का सबसे बड़ा अक्षय ऊर्जा संयंत्र विकसित कर
रही है। 538 वर्ग किलोमीटर में बना यह संयंत्र पेरिस के आकार का पांच गुना है और इसे अंतरिक्ष से भी देखा जा सकेगा।
इसके पूरा होने पर यह सभी ऊर्जा स्रोतों के संदर्भ में विश्व का सबसे बड़ा विद्युत संयंत्र होगा। एजीईएल ने अब तक खावड़ा में
5,355.9 मेगावाट अक्षय ऊर्जा की संचयी क्षमता का संचालन किया है। । कंपनी ने सोमवार को कहा कि 15,539.9 मेगावाट
का परिचालन खंड 79 लाख मकानों को बिजली मुहैया करा सकता है। इसमें 11,005.5 मेगावाट सौर,
1,977.8 मेगावाट पवन और 2,556.6 मेगावाट पवन-सौर हाइब्रिड क्षमता शामिल है।