राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में एसआइआर के खिलाफ विपक्ष के आक्रामक
तेवर कम होते नहीं दिख रहे। बिहार विधानसभा में तीसरे दिन भी इस मसले
पर विपक्ष का जोरदार हंगामा हुआ। बिहार में वोटर लिस्ट के लिए स्पेशल
इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान चल रहा है। इसे लेकर बुधवार (23 जुलाई)
को बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के नेता तेजस्वी
यादव के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिला। सीएम नीतीश कुमार ने RJD
नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब आपके
माता-पिता का राज था तो उस वक्त राजधानी पटना में कोई शाम को भी
बाहर नहीं निकलता था।
नीतीश ने तेजस्वी को बच्चा कहा
सीएम नीतीश कुमार ने तेजस्वी से पूछा कि RJD ने मुसलमानों के लिए आज
तक क्या किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के लिए मैंने काम किया। साथ ही
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण की बात करें तो हमने पहले भी महिला
आरक्षण दिया था और आज भी हमने महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत क्षतिज
आरक्षण दे रहा हूं। नीतीश ने तेजस्वी से कहा कि तुम अभी बच्चे हो अभी नहीं
समझोगे। भारी हंगामे के बाद विधानसभा को स्थगित कर दिया गया। इसके
बाद विधानसभा के मेन गेट पर विपक्ष ने प्रदर्शन किया। नीतीश कुमार और
डिप्टी सीएम दूसरे गेट से अंदर पहुंचे।सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी
दलों के सदस्य हंगामा करने लगे। विपक्षी सांसदों ने आसन के निकट पहुंचकर
नारेबाजी की और तख्तियां लहराईं। उन पर एसआईआर विरोधी नारे लिखे हुए थे।
हंगामें के बाद सदन का कार्यकाल दो बजे तक स्थगित कर दिया गया।
बिहार विधानसभा सत्र: हंगामे के बीच भिड़े चाचा-भतीजा
उधर, दिल्ली में संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए राजद सांसद मनोज झा
ने कहा कि “हमें जो कहना है, वो यहां कह रहे हैं और कोर्ट में भी कहेंगे। जब
किसी पार्टी के इशारे पर ऐसा किया जाएगा तो लोकतंत्र लहूलुहान होगा… क्या
सत्तापक्ष पार्टी चुनाव आयोग की प्रवक्ता बन गई है?
