अब अपने देश में RSS पर बैन लगाएगा कनाडा

अब अपने देश में RSS पर बैन लगाएगा कनाडा
अब अपने देश में RSS पर बैन लगाएगा कनाडा
राजनयिक प्रकरण के बारे में प्रतिक्रिया देते हुए जगमीत सिंह ने कहा कि हम भारत के
राजनयिकों को निष्कासित करने के आज के फैसले का समर्थन करते हैं और हम कनाडा
सरकार से भारत के खिलाफ राजनयिक प्रतिबंध लगाने, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नेटवर्क
(आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान कर रहे हैं। इसके साथ ही सिंह ने कहा कि
कनाडा की धरती पर संगठित आपराधिक गतिविधि में भाग लेने वाले किसी भी व्यक्ति
के लिए सबसे गंभीर परिणाम भुगतने के लिए प्रतिबद्ध है। कनाडा की न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी
(एनडीपी) के नेता जगमीत सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने सरकार से
कनाडा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने और प्रतिबंध
लगाने की मांग की है। कनाडा और भारत के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव के बीच, सिंह की
मांगों ने चल रहे राजनीतिक तूफान को और बढ़ा दिया है। खालिस्तानी आंदोलन के समर्थक
जगमीत सिंह ने कनाडा सरकार से भारत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

कौन हैं जगमीत सिंह

जगमीत सिंह का जन्म 2 जनवरी, 1979 को स्कारबोरो, ओंटारियो में हुआ था। कनाडा की

वामपंथी न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के नेता हैं और एक प्रमुख कनाडाई संघीय राजनीतिक

दल का नेतृत्व करने वाले अल्पसंख्यक वर्ग के पहले व्यक्ति हैं। उनके माता-पिता बेहतर

अवसरों की तलाश में पंजाब, भारत से कनाडा आ गए। राजनीति में प्रवेश करने से पहले,

उन्होंने ग्रेटर टोरंटो क्षेत्र में एक वकील के रूप में काम किया। सिंह ने 2011 में ओंटारियो के

लिए प्रांतीय संसद (एमपीपी) के सदस्य के रूप में सार्वजनिक कार्यालय में प्रवेश किया, 2017

तक सेवा की और ओंटारियो की विधायिका में पगड़ी पहनने वाले पहले सिख बन गए। अक्टूबर

2017 में एनडीपी के नेता बनकर राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि हासिल की। 2019 में सिंह को ब्रिटिश

कोलंबिया के बर्नाबी साउथ के लिए संसद सदस्य के रूप में चुना गया था। सिंह एक स्वतंत्र सिख

राज्य खालिस्तान के लिए अपने मुखर समर्थन और भारत सरकार, विशेषकर प्रधान मंत्री नरेंद्र

मोदी की आलोचना के कारण एक विवादास्पद व्यक्ति रहे हैं। चरमपंथियों के साथ उनके कथित

संबंधों के कारण 2013 में उन्हें भारत का वीजा देने से इनकार कर दिया गया था। 

अब अपने देश में RSS पर बैन लगाएगा कनाडा

साल 2019 में कनाडा में आम चुनाव हुए थे। ट्रूडो ने चुनाव में जीत तो दर्ज कर ली थी

लेकिन वो सरकार नहीं बना सकते थे। उनकी लिबरल पार्टी ऑफ कनाडा को 157 सीटें

मिली थी। विपक्ष की कंजरवेटिव पार्टी को 121 सीटें हासिल हुई थीं। ट्रूडो के पास सरकार

बनाने के लिए बहुमत नहीं था। सरकार बनाने के लिए उन्हें 170 सीटों की दरकार थी।

जिसकी वजह से ट्रूडो की पार्टी ने कनाडा के चुनाव में 24 सीटें हासिल करने वाली न्यू

डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) का समर्थन लिया। इस पार्टी के मुकिया जगमीत सिंह है जो

खालिस्तान आंदोलन के बड़े समर्थक हैं। ट्रूडो के लिए सत्ता में रहने का मतलब जगमीत

को खुश रखना। चुनाव के बाद सिंह और ट्रूडो ने कॉन्फिडेंस एंड सप्लाई एग्रीमेंट को साइन

किया था। ये समझौता 2025 तक लागू रहने की बात कही गई थी। पिछले साल जब विपक्ष

ने कनाडा के चुनावों में चीन के हस्तक्षेप की जांच की मांग की और ट्रूडो पर जबरदस्त अटैक

बोला गया। लेकिन उस वक्त जगमीत सिंह की एनडीपी पीएम के लिए ढाल बनकर खड़ी रही।

ट्रूडो के समर्थन से सुरक्षित सिंह भारत के खिलाफ और खालिस्तानी मुद्दे के समर्थन में

आगे बढ़ते जा रहे हैं। 

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