अमेरिका के इलेक्शन रिजल्ट पर आया जयशंकर का बड़ा बयान

अमेरिका के इलेक्शन रिजल्ट पर आया जयशंकर का बड़ा बयान
अमेरिका के इलेक्शन रिजल्ट पर आया जयशंकर का बड़ा बयान
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बड़े पैमाने पर डोनाल्ड ट्रंप को भर भर कर वोट पड़
रहे थे तो भारत और अमेरिका के रिश्तों के लिहाज से ट्रंप और हैरिस में कौन ज्यादा
बेहतर है इसे लेकर सवाल तेज हो गए। ऐसा ही सवाल जब जयशंकर से पूछा गया तो
उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका के पिछले पांच राष्ट्रपतियों के  कार्यकाल के दौरान
उनके साथ अपने संबंधों में लगातार प्रगति देखी है। ट्रंप के जीत के साथ ही सबसे बड़ा
सवाल ये कि क्या उनका जीतना भारत के लिए फायदे का सौदा लेकर आएगा। इसे लेकर
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी सवाल पूछा गया तो उनका जवाब गजब का
आया। ऐसे वक्त में जब विश्लेषक अलग अलग अंदाजा लगा रहे हैं। कोई टैरिफ की
बात कर रहा है तो कट्टरवाद को लेकर भारत के साथ आकर खड़े होने वाले डोनाल्ड
ट्रंप का भी जमकर जिक्र हो रहा है। डिप्लोमेसी और ट्रेड के बीच डोनाल्ड
ट्रंप किसका चुनाव करेंगे ये एक बात है। लेकिन इसे लेकर भारतीय विदेश मंत्री डॉ.
एस जयशंकर क्या सोच रहे हैं ये समझना जरूरी है।

अमेरिका के इलेक्शन रिजल्ट पर आया जयशंकर का बड़ा बयान

जयशंकर ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका के साथ भारत के संबंध मजबूत ही होंगे

चाहे राष्ट्रपति  कोई भी बने। जब अमेरिकी अभी भी वोट डाल रहे थे, जयशंकर ने कहा

कि चुनाव से अमेरिकी नीति में दीर्घकालिक रुझान को उलटने की संभावना नहीं है।

उन्होंने राष्ट्रपति जो बाइडेन के तहत अफगानिस्तान से सैनिकों की तैनाती और

उसकी वापसी के प्रति अमेरिका की अनिच्छा की ओर इशारा करते हुए कहा कि

संभवतः (राष्ट्रपति बराक) ओबामा के बाद से अमेरिका अपनी वैश्विक प्रतिबद्धताओं

के बारे में अधिक सतर्क हो गया है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के विदेश  मंत्रियों

के साथ एक पैनल चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प इस संबंध में अधिक

स्पष्ट और अभिव्यंजक हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका को वर्तमान

प्रशासन की विचारधारा के बजाय राष्ट्रीय स्तर पर अधिक देखना महत्वपूर्ण है।

 अगर हम वास्तव में उनका विश्लेषण कर रहे हैं, तो मुझे लगता है कि हमें एक

ऐसी दुनिया के लिए तैयार रहना होगा जहां वास्तव में अमेरिका के शुरुआती

दिनों में जिस तरह का प्रभुत्व और उदारता थी, वह जारी नहीं रहेगी। जयशंकर ने

मंगलवार को कहा कि भविष्य में अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते और

मजबूत होंगे। तीनों विदेश मंत्रियों ने कहा कि उनके राष्ट्रों को वह वैश्विक

वातावरण बनाने के  लिए कदम उठाने की जरूरत है जो वे चाहते हैं।

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