
इजराइली नेताओं ने इजराइली सेना में अति-रूढ़िवादी सैनिकों की एक इकाई
पर प्रतिबंध लगाने के अमेरिका के संभावित फैसले की कड़ी आलोचना की।
प्रतिबंध लगाने का यह फैसला सोमवार को लिए जाने की संभावना है। यह
पहली बार होगा जब अमेरिका इजराइली सेना की किसी इकाई पर प्रतिबंध
लगाएगा। गाजा में इजराइल के युद्ध के बाद से अमेरिका और इजराइल के
संबंधों में तनाव पैदा हो गया है और अमेरिकी प्रतिबंध लगने से यह तनाव
और बढ़ने की आशंका है।
अमेरिकी अधिकारियों ने उस इकाई का नाम बताने से इनकार
अमेरिकी अधिकारियों ने उस इकाई का नाम बताने से इनकार कर दिया जिस पर
प्रतिबंध लगाए जाने हैं लेकिन इजराइली नेताओं और स्थानीय मीडिया ने इसकी
पहचान नेत्जाह येहुदा के रूप में की, जो पैदल सेना की बटालियन है और इसकी
स्थापना लगभग 25 साल पहले अति-रूढ़िवादी पुरुषों को सेना में शामिल करने
के लिए की गई थी। इजराइली नेताओं ने इस प्रत्याशित निर्णय की निंदा की,
इसे विशेषकर ऐसे समय में लिए जाने को अनुचित बताया जब इजराइल युद्ध
लड़ रहा है और उन्होंने इसका विरोध करने का संकल्प लिया। इजराइल के
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, ‘‘अगर कोई ऐसा सोचता है कि वे
आईडीएफ (इजराइल रक्षा बल) की किसी इकाई पर प्रतिबंध लगा सकते
हैं, तो मैं इसके खिलाफ अपनी पूरी ताकत से लड़ूंगा।’’
इजराइली नेताओं ने उसकी सैन्य इकाई
‘नेत्जाह येहुदा’ कब्जे वाले वेस्ट बैंक में तैनात है और इसके कुछ सदस्यों पर
फलस्तीनियों के खिलाफ दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप हैं। इस इकाई को 2022
में वेस्ट बैंक जांच चौकी पर एक बुजुर्ग फलस्तीनी-अमेरिकी व्यक्ति की हिरासत में
लिए जाने के कुछ देर बाद मौत होने के कारण अमेरिका की भारी आलोचना का
सामना करना पड़ा था। यह पहली बार होगा जब अमेरिका इजराइली सेना की
किसी इकाई पर प्रतिबंध लगाएगा। गाजा में इजराइल के युद्ध के बाद
से अमेरिका और इजराइल के संबंधों में तनाव पैदा हो गया है
और अमेरिकी प्रतिबंध लगने से यह तनाव और बढ़ने की आशंका है।