उपराष्ट्रपति पद पर सीपी राधाकृष्णन का चुना जाना लगभग तय
आतंकवाद को मिटाने, समान नागरिक संहिता लागू करने, छुआछूत समाप्त करने
और नषे के खतरे से निपटने जैसी मांगो को लेकर 93 दिनों में 19 हजार किमी लंबी रथयात्रा निकाली थी।
उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में अब सरकार और विपक्ष के प्रत्याशियों के मध्य मुकाबला होना तय हो गया है।
सरकार द्वारा सीपी राधाकृष्णनको प्रत्याशी बनाए जाने
के बाद इंउी ब्लाक ने भी सुप्रीम कोर्ट के सेवा निवृत्त न्यायाधीश सुदर्शन रेड्डी
को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इस बार उपराष्ट्रपति के पद के दोनों ही
प्रत्याशी एक ही प्रान्त तमिलनाडु से आते हैं।
कांग्रेस व विरोधी दलों को लगा कि अगर एनडीए प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन देश के नये उपराष्ट्रपति बन जाते हैं
तो फिर भारतीय जनता पार्टी राधाकृष्णन के माध्यम से दक्षिण विशेषकर
तमिलनाडु में अपनी राजनीतिक जमीन को सशक्त करने का प्रयास करेगी
क्योंकि जब बीजेपी ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को अपना प्रत्याशी बनाया था
तब भाजपा को राजस्थान में राजनैतिक लाभ हुआ था
और वहां उसकी सत्ता में वापसी हो गई थी।
उपराष्ट्रपति पद पर सीपी राधाकृष्णन का चुना जाना लगभग तय
कौन है सीपी राधाकृष्णन- संसद के दोनों सदनों के वर्तमान अंकगणित के अनुसार एनडीए
प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन का विजयी होना सुनिश्चित है।
महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं
तथा दो बार कोयंबटूर से लोकसभा सदस्य भी रह चुके हैं।
सीपी राधाकृष्णन मात्र 16 वर्ष की अवस्था में ही 1974 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर
समाज सेवा के कार्यों में लग गए और बाद में उनके राजनैतिक जीवन का आरम्भ हुआ।
सीपी राधाकृष्णन कुछ समय तक झारखंड के भी राज्यपाल रहे
वह झारखण्ड राज्य के सभी जिलों का दौरा करने वाले राज्यपाल हैं।
सीपी राधकृष्णन तेलंगना के राज्यपाल व पुडडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल चुके हैं।
सी पी राधाकृष्णन तमिलनाडु की राजनीति में 40 वर्ष तक सक्रिय रहे
जिसका प्रतिफल अब उन्हें उपराष्ट्रपति पद के रूप में मिलने जा रहा है।