
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा को सुचारू, सुरक्षित और
पारदर्शी तरीके से आयोजित कराने के प्रयासों के तहत शनिवार को देशभर में ‘मॉक ड्रिल’ की जा
रही है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी स्थित राष्ट्रीय
परीक्षा एजेंसी (एनटीए) कार्यालय में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुनर्परीक्षा 21 जून को अपराह्न
दो बजे से शाम पांच बजकर 15 मिनट तक कलम-कागज माध्यम से आयोजित की जाएगी।परीक्षा
में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे और इसका आयोजन भारत के 551 तथा विदेश के
14 शहरों में किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा को सुचारू और निर्बाध रूप से कराने
के लिए सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देशव्यापी ‘मॉक
ड्रिल’ का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों की तैयारियों को परखना और इस प्रक्रिया में शामिल विभिन्न
एजेंसियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना है।
एयर फ़ोर्स के हेलिकॉप्टर, CRPF और CISF तैनात
सुरक्षा अभ्यास के तहत, इंडियन एयर फ़ोर्स अलग-अलग राज्यों की राजधानियों में बने 18 नोडल
सेंटर्स तक क्वेश्चन पेपर एयरलिफ्ट करेगी। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत इन सेंटर्स तक पेपर ले
जाने के लिए MI-17 हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जाएगा।जब क्वेश्चन पेपर तय सेंटर्स पर पहुँच
जाएँगे, तो उनकी सुरक्षा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को सौंप दी जाएगी। सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स
(CRPF) और सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फ़ोर्स (CISF) पेपर की सुरक्षा करेंगे और परीक्षा
प्रक्रिया पूरी होने तक तैनात रहेंगे।अकेले दिल्ली में ही NEET री-एग्जाम के लिए 97 परीक्षा
केंद्र बनाए गए हैं। इन सेंटर्स में राष्ट्रीय राजधानी के सभी केंद्रीय विद्यालय और दिल्ली सरकार
द्वारा चलाए जा रहे कुछ चुनिंदा स्कूल शामिल हैं।
एयरफोर्स के हेलीकॉप्टरों से एयरलिफ्ट होंगे पेपर
मॉक ड्रिल शनिवार को सभी सेंटर्स पर दोपहर करीब 1:30 बजे शुरू होगी। इस अभ्यास
के दौरान मीडियाकर्मियों को परीक्षा स्थल के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी।सुरक्षा के
ये कड़े इंतजाम NEET री-एग्जाम को सुचारू रूप से आयोजित करने और पेपर लीक
जैसी घटनाओं को रोकने के लिए किए गए हैं, क्योंकि पिछले एग्जाम साइकल के दौरान
ऐसी घटनाओं से विवाद खड़ा हो गया था।गलत जानकारी को रोकने और लीक हुए कंटेंट
के प्रसार को रोकने के लिए एक और कदम उठाते हुए, केंद्र सरकार ने 22 जून तक
टेलीग्राम को भी ब्लॉक कर दिया है।NTA ने एक खास पोर्टल भी शुरू किया है जहाँ
छात्र और आम लोग NEET री-एग्जाम से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट
कर सकते हैं। इसमें पेपर लीक के दावे, अफ़वाहें या गलत जानकारी फैलाने की
कोशिशें शामिल हैं।पोर्टल के ज़रिए दी गई जानकारी की जाँच एजेंसी द्वारा की जाएगी,
ताकि परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखी जा सके।