
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर बीजेपी को विपक्ष के नेता राहुल गांधी
पर निशाना साधने का मौका दे दिया है। उन्होंने G7 समिट के दौरान भारतीय
नाविकों की सुरक्षा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कही बातों का समर्थन किया है।
थरूर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर आरोप
लगाया है कि ओमान की खाड़ी में एक मर्चेंट जहाज़ पर अमेरिकी हमले में मारे
गए तीन भारतीय नाविकों की मौत के मामले में वे “चुप” रहे, जबकि वे अमेरिकी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर रहे थे।G7 समिट के दौरान हुई मोदी-ट्रंप
की द्विपक्षीय बैठक के बारे में बात करते हुए थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने
अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ सार्वजनिक और निजी, दोनों तरह की बातचीत में
आम नागरिकों (नाविकों) की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंताएं जाहिर कीं।
थरूर ने कहा कि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के साथ सार्वजनिक और निजी,
दोनों बैठकों में अपनी बात साफ-साफ रखी। यह संदेश देना ज़रूरी है कि
युद्ध के समय कमर्शियल जहाजों पर मौजूद आम नाविकों को हमले का
निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। वे सैनिक नहीं होते, और पीएम मोदी
ने यही संदेश दिया।
Shashi Tharoor ने की PM Modi की G7 कूटनीति की तारीफ
भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंताओं पर ज़ोर देते हुए
उन्होंने कहा कि आम चिंताओं के अलावा, भारतीय झंडे वाले जहाज़ों और
दूसरे जहाज़ों पर भी भारतीय नाविक मौजूद हैं। अगर वे आपकी नाकेबंदी
का उल्लंघन कर रहे हैं, तो उन्हें रोकने का कोई और तरीका अपनाएँ,
लेकिन लोगों की जान न लें। बुधवार को कांग्रेस ने ट्रंप के साथ हुई बातचीत
को लेकर मोदी की आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने ओमान
की खाड़ी में मारे गए तीन भारतीय नाविकों का मुद्दा सार्वजनिक रूप से
नहीं उठाया। पार्टी ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री ने इस घटना को लेकर
वॉशिंगटन से माफ़ी या अफ़सोस ज़ाहिर करने की मांग क्यों नहीं की।
बीजेपी ने तुरंत थरूर के बयानों को मुद्दा बनाया और दावा किया कि कांग्रेस
नेता द्वारा मोदी की कूटनीति का समर्थन करने से राहुल गांधी का रुख़ सबके
सामने आ गया है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने X पर पोस्ट किया कि शशि
थरूर ने राहुल गांधी की असलियत सामने ला दी है। कांग्रेस नेता खुलेआम
पीएम नरेंद्र मोदी जी की कूटनीति की तारीफ़ कर रहे हैं! जब भारत के राष्ट्रीय
हित की रक्षा की बात आती है, तो पीएम मोदी सबसे आगे रहते हैं। वहीं, जब
भारत के राष्ट्रीय हित के ख़िलाफ़ बोलने की बात आती है, तो राहुल गांधी
सबको पीछे छोड़ देते हैं।