
प्रयागराज, 31 मईः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण
गवई की मौजूदगी में शनिवार को हाईकोर्ट परिसर में 680 करोड़ से बने अधिवक्ता चैंबर्स व पार्किंग भवन
के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने 2017 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा
इलाहाबाद उच्च न्यायालय में आयोजित कार्यक्रम को याद करते हुए बताया कि तब पीएम ने कहा
था कि सुशासन की पहली शर्त रूल ऑफ लॉ है। सीएम ने कहा कि कानून के शासन में बार-बेंच के
साथ ही वादकारी का महत्व भी उतना ही है। सीएम ने अधिवक्ताओं का दर्द बयां किया और कहा कि
टूटे चैंबर व पेड़ के नीचे बैठने के साथ ही अधिवक्ता हर विपरीत परिस्थिति में कार्य करते हुए न्याय की
जद्दोजेहद करते दिखते हैं।
आधुनिक भारत के धर्म, ज्ञान व न्याय की भूमि के रूप में
देश-दुनिया का ध्यान आकर्षित करता है प्रयागराज
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन गौरवमयी है। आज लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं
जयंती है। यह वर्ष भारत के संविधान को लागू होने का अमृत महोत्सव वर्ष भी है। सीएम ने कहा
कि प्रयागराज यूपी में भारत के विरासत की भूमि है। यह भूमि प्राचीन काल से ही मां गंगा, यमुना व
सरस्वती की त्रिवेणी के साथ ही आधुनिक भारत के धर्म, ज्ञान व न्याय की भूमि के रूप में देश-दुनिया
का ध्यान आकर्षित करती है। प्रयागराज की भूमि महाकुम्भ की भी भूमि है। यहां के संगम में डुबकी
लगाकर हर भारतीय ने अपने विरासत से खुद को जोड़कर गौरव की अनुभूति की।
कानून के शासन में बार-बेंच के साथ ही वादकारी का भी बड़ा महत्वः सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा कि मल्टीलेवल पार्किंग बनती है, लेकिन कोई जाता नहीं है। बार-बार अर्बन बॉडीज से
कहता हूं कि यह तभी सफल होगी, जब उसके कुछ स्पेस का कॉमर्शियल उपयोग होगा। सीएम ने बताया
कि विकास प्राधिकरण ने छह वर्ष पहले गोरखपुर में मल्टीलेवल पार्किंग बनाई, वो चली नहीं। मैंने कहाकि
इसके अंतिम दो फ्लोर में कॉमर्शियल स्पेस देकर इसे संचालित कीजिए। जैसे ही यह हुआ,
आज पूरा कॉम्प्लेक्स फुल हो जाता है। जो लोग सड़कों पर वाहन खड़ा करते थे, वे कॉम्प्लेक्स में
वाहन खड़ा करते हैं और वहां जाकर सुविधाओं का आनंद लेते हैं।