केंद्र सरकार के उपक्रम बन रहे कमाऊ पूत

केंद्र सरकार के उपक्रम बन रहे कमाऊ पूत
केंद्र सरकार के उपक्रम बन रहे कमाऊ पूत
आज से एक दशक से अधिक समय पूर्व तक केंद्र सरकार के उपक्रमों
को चलायमान बनाए रखने के लिए केंद्रीय बजट में भारी भरकम राशि
का प्रावधान करना पड़ता था तथा इन उपक्रमों को केंद्र सरकार द्वारा
आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी। परंतु, आज स्थिति एकदम बदल
गई है एवं अब केंद्र सरकार के उपक्रम केंद्र सरकार को लाभांश के रूप में
भारी भरकम राशि प्रदान कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में केंद्र
सरकार के विभिन्न उपक्रमों ने 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक की
राशि का लाभ अर्जित किया है। केंद्र सरकार के उपक्रमों में यह
आमूलचूल परिवर्तन केंद्र में ईमानदार सरकार एवं केंद्र सरकार
द्वारा निगमित अभिशासन से सम्बंधित नियमों का कड़ाई से
अनुपालन कराए जाने के चलते ही सम्भव हो सका है। पूर्व में इन
उपक्रमों में पनप रहे भ्रष्टाचार के चलते इन उपक्रमों की लाभप्रदता
पर विपरीत प्रभाव पड़ता था परंतु अब उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार पर
लगभग पूर्णत: अंकुश लगाया जा चुका है। साथ ही, केंद्र सरकार के
इन उपक्रमों को नेतृत्व प्रदान कर रहे अधिकारियों पर भी बहुत कुछ
निर्भर करता रहा है। केंद्र सरकार के इन उपक्रमों में आज का नेतृत्व
कुशल, ईमानदार एवं देश प्रथम की नीति पर चलने के साथ ही देश
के प्रति सम्मान का भाव रखने वाला है।

केंद्र सरकार के उपक्रम बन रहे कमाऊ पूत

वित्तीय वर्ष 2024 में केंद्र सरकार के विभिन्न उपक्रमों ने 5 लाख

करोड़ रुपए से अधिक की राशि का लाभ अर्जित किया है। प्रथम

स्थान पर भारतीय स्टेट बैंक है, जिसने 67,085 करोड़ रुपए का

लाभ अर्जित किया है। इसके बाद ओएनजीसी ने 49,221 करोड़

रुपए, आईओसी ने 41,730 करोड़ रुपए, भारतीय जीवन बीमा

निगम ने 40,916 करोड़ रुपए, भारतीय कोयला निगम ने 37,402

करोड़ रुपए, बीपीसीएल ने 26,859 करोड़ रुपए, एनटीपीसी ने 20,812

करोड़ रुपए, बैंक आफ बड़ोदा ने 18,767 करोड़ रुपए, हिन्दुस्तान

पेट्रोलीयम ने 16,015 करोड़ रुपए एवं पावर फाइनैन्स करपोरेशन

ने 15,889 करोड़ रुपए की राशि का लाभ अर्जित किया है। इसके

अतिरिक्त, पावर ग्रिड, कनारा बैंक, आरईसी लिमिटेड एवं यूनियन

बैंक, ने 10,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का लाभ अर्जित

किया है। साथ ही, गैस अथॉरिटी इंडिया लिमिटेड, पंजाब नेशनल

बैंक, इंडीयन बैंक, जैसे केंद्र सरकार के 42 अन्य उपक्रमों ने भी

भारी भरकम राशि का लाभ अर्जित किया है।केंद्र सरकार के

उपक्रमों के साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक, जो भारत में एक

स्वायत्त संस्था के रूप में कार्य करता है एवं इस पर केंद्र

सरकार का नियंत्रण लगभग नहीं के बराबर रहता है,

ने भी पूरे विश्व के कई बड़े केंद्रीय बैंकों के बीच सबसे

अधिक राशि का लाभ अर्जित किया है।अमेरिका के केंद्रीय

बैंक फेडरल रिजर्व को वर्ष 2024 में 7,700 करोड़ अमेरिकी

डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है, इसी प्रकार ब्रिटेन के केंद्रीय

बैंक, बैंक आफ इंग्लैंड को 4,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर का

नुक्सान हुआ है तथा यूरोपीयन यूनियन के केंद्रीय बैंक, ईसीबी

को 900 करोड़ अमेरिकी डॉलर का नुक्सान हुआ है।

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