
जन्मदिन पर दान देकर कायम किया उदाहरण
यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि दादा मगनभाई पटेल इन दोनों भाई-बहनों को हर महीने दस-दस
हजार रुपये पॉकेट मनी के रूप में देते थे, जिसे ये दोनों बचाकर अपने जन्मदिन पर इकट्ठी हुई
राशि को धर्मार्थ कार्यों के लिए दान करते रहते है। वर्ष २०१४ से २०२५ तक पिछले ११ वर्षों में
इन दोनों भाई-बहनोंने अपने दादाजी से मिले पॉकेट मनी में से १५ लाख रुपए से अधिक की
राशि शिक्षा,स्वास्थ्य एव शारीरिक व मानसिक रूप से विकलांगों और दिव्यांग लोगो के लिए
दान कर दी है और आज भी कर रहे हैं। देश के युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से हम इन
दोनों भाई-बहनों के सेवा कार्यों के कुछ अंश हम आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं। पिछले ११
वर्षों से यानी २०१४ से २०२५ तक दोनों भाई-बहन अपने जन्मदिन को अपने परिवार के
सदस्यों के साथ बहुत ही सादगी से मनाते आ रहे हैं। साथ ही, वे अपने जन्मदिन पर होने
वाले खर्च में भी मितव्ययिता बरतते रहे हैं और बचाई गई राशि को सामाजिक संस्थाओं
को दान करते रहते हैं। इन दोनों भाई-बहनों के पिता जतिनभाई मगनभाई पटेल,जिनके
पास वर्ष १९९४ से अमेरिकी नागरिकता होने के बावजूद आज करीब ३० साल से भारत में
अपने पिता मगनभाई पटेल और माता शांताबेन मगनभाई पटेल के साथ सेवाकार्यों में जुटे
हैं। उनके बच्चे शाम और निधिबेन अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत में अपने
अभ्यास अनुसार अपना उद्योग करेंगे और समाज सेवामें जुड़ेंगे,जो आज के युवाओं के
लिए प्रेरणा सन्देश है। गुजरात की विविध सामाजिक संस्थाओ में किये गए इन बच्चो के
सेवाकार्य कुछ इस प्रकार है।