
के मुताबिक 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव दो से तीन चरणों में कराए जा सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि
दिवाली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों को ध्यान में रखते हुए चुनाव कार्यक्रम की योजना बनाई जाने की उम्मीद
है। बिहार विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 22 नवंबर, 2025 को समाप्त हो रहा है और उससे पहले चुनाव प्रक्रिया
पूरी हो जानी चाहिए।
दो से तीन चरणों में कराए जा सकते हैं बिहार चुनाव
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग ने कहा है कि 6 से 10 जनवरी 2025 के बीच बिहार, हरियाणा और
दिल्ली में अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद कोई अपील दायर नहीं की गई। सभी बीएलओ को घर
-घर जाकर मतदाता विवरण सत्यापित करने के लिए पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। 18 वर्ष की आयु पूरी
करने वाले पहली बार के मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।
चुनाव प्रबंधन को कारगर बनाने के लिए चुनाव आयोग एक सिंगल-पॉइंट ऐप ECINET, एक एकीकृत
डिजिटल डैशबोर्ड पेश कर रहा है, जो पहले 40 अलग-अलग ऐप और वेबसाइट का उपयोग करने की
आवश्यकता को बदल देता है। बिहार चुनाव तक इस प्रणाली के पूरी तरह कार्यात्मक होने की उम्मीद है।