निर्यात के मोर्चे पर मिली बुरी खबर व्यापार घाटा भी बढ़ा

निर्यात के मोर्चे पर मिली बुरी खबर व्यापार घाटा भी बढ़ा

India Export Data: अप्रैल-अगस्त 2022-23 के दौरान

निर्यात 17.12 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 192.59 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया.

निर्यात के मोर्चे पर मिली बुरी खबर व्यापार घाटा भी बढ़ा

अगस्त के महीने में देश के तेल के आयात के आंकड़े में भी इजाफा हुआ है.

अगस्त में तेल आयात 86.44 फीसदी बढ़कर 17.6 अरब डॉलर हो गया.

नई विदेश व्यापार नीति 30 सितंबर को जारी की जाएगी.

भारत के निर्यात के आंकड़े (India Export Data) में अगस्त के महीने में गिरावट दर्ज की गई है.

20 महीने के बाद देश के निर्यात में गिरावट आई है. अगस्त के महीने में एक्सपोर्ट

एक्सपोर्ट 1.15 फीसदी घटकर 33 अरब डॉलर हो गया है

1.15 फीसदी घटकर 33 अरब डॉलर हो गया है. साथ ही व्यापार घाटा

दोगुने से भी अधिक बढ़कर 28.68 अरब डॉलर हो गया है. वाणिज्य मंतत्रालय

(Commerce Ministry) ने एक्सपोर्ट के आंकड़े की जानकारी दी है.

वाणिज्य सचिव बीवी आर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि चालू

वित्त वर्ष के दौरान देश का कुल निर्यात 450 अरब डॉलर के पार जाने की उम्मीद है.

पिछले साल कितना था घाटा?

एक साल पहले अगस्त 2021 में देश का व्यापार घाटा 11.71 अरब डॉलर रहा था.

इस वित्त वर्ष के अगस्त महीने में घाटे में बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

अप्रैल-अगस्त 2022-23 के दौरान निर्यात 17.12 फीसदी की

बढ़ोतरी के साथ 192.59 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया.

वहीं, चालू वित्त वर्ष की पांच महीने की अवधि के दौरान

आयात 45.64 फीसदी बढ़कर 317.81 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया.

तेल का आयात बढ़ा

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त की अवधि में देश का व्यापार घाटा बढ़कर

125.22 अरब डॉलर हो गया. ये आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि में

53.78 अरब डॉलर रहा था. अगस्त के महीने में देश के तेल के आयात के

आंकड़े में इजाफा हुआ है. अगस्त में तेल आयात 86.44 फीसदी बढ़कर 17.6 अरब डॉलर हो गया.

हालांकि, सोने के आयात में गिरावट दर्ज की गई है. आंकड़ों के अनुसार,

ये अगस्त के महीने में 47.54 प्रतिशत घटकर 3.51 अरब डॉलर रहा.

वाणिज्य सचिव बीवी आर सुब्रह्मण्यम ने बताया कि प्रोडक्ट के

निर्यात में हम इस फाइनेंसियल वर्ष में 450 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर लेंगे.

निर्यात के मोर्चे पर मिली बुरी खबर व्यापार घाटा भी बढ़ा

हालांकि मेरा आंतरिक लक्ष्य 470 अरब डॉलर का है. वहीं सेवा निर्यात

300 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा. उन्होंने कहा कि इस तरह जारी वित्त

वर्ष में देश का कुल निर्यात 750अरब डॉलर रहेगा.

वहीं, पिछले वित्त वर्ष में यह 676 अरब डॉलर रहा था.

क्यों कम हुआ निर्यात?

अगस्त के महीने में निर्यात के आंकड़े में आई गिरावट की वजह बताते हुए सुब्रह्मण्यम ने कहा

– ‘महंगाई पर काबू पाने और देश में कुछ प्रोडक्ट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हमने

गेहूं, आयरन जैसे कुछ उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया है. साथ ही कुछ प्रोडक्ट्स

पर निर्यात शुल्क भी लगाया है. इस वजह अगस्त के महीने में निर्यात के

आंकड़े में गिरावट दर्ज की गई है.’ उन्होंने बताया कि

नई विदेश व्यापार नीति 30 सितंबर को जारी की जाएगी’.

 

 

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