
जिला प्रमुख मोनू विश्नोई समेत चार लोगों को गिरफ्तार
उन्होंने बताया कि इसका मकसद सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के साथ ही
पुलिस की छवि भी खराब करना था।
उन्होंने बताया कि जब पुलिस ने मकसूद को पूछताछ के लिए बुलाया तो उससे
मिली जानकारी के आधार पर शहाबुद्दीन को पुलिस ने पकड़ा।
शहाबुद्दीन को गोहत्या के मामले में गिरफ्तार किया
अधिकारी ने बताया कि इसके बाद जब पुलिस 28 जनवरी को मामले की जांच कर रही थी,
तब एक बार फिर मोनू विश्नोई ने
पुलिस को जंगल में गोहत्या की सूचना दी और एक वीडियो भी अपलोड किया जिसमें मारी
गई गाय का शव दिखाया गया था।
मीणा ने कहा, पुलिस ने सबसे पहले शहाबुद्दीन को गोहत्या के मामले में गिरफ्तार किया और
पूछताछ करने पर उसने हमें बताया
कि मोनू विश्नोई ने ही उसे 16 जनवरी को एक गाय के शव ठिकाने लगाने और फिर 28 जनवरी को एक और
गाय चुराकर उसको मारने के लिए पैसे दिए थे।
एसएसपी ने कहा कि पुलिस ने मामले में मोनू बिश्नोई, शहाबुद्दीन के अलावा मोनू विश्नोई के
मददगार रमन चौधरी और राजीव चौधरी को भी गिरफ्तार किया है।
छजलैट थाना के एसएचओ सत्येन्द्र शर्मा ने बताया कि मोनू विश्नोई इलाके में तनाव पैदा करना चाहता था
और उसका स्थानीय पुलिस के साथ झगड़ा भी हुआ था।
उसने इलाके में तनाव पैदा करने और पुलिस की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए ये हरकतें कीं।
मुरादाबाद जिले में गोहत्या कराने वाले VHP नेता समेत चार गिरफ्तार
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ दिनों पहले छजलैट थाना के
एसएचओ ने शामली से लखनऊ जा रहे 32 पशु पकड़े थे।
तब मोनू विश्नोई व उसके साथियों ने एसएचओ पर दबाव बनाया था कि वह पशुओं को उसके परिचितों को दे दें,
लेकिन एसएचओ ने ऐसा नहीं किया तो इसी बात को लेकर तनातनी बढ़ गयी थी।
इसके बाद से ही मोनू ने एसएचओ को हटवाने के लिए साजिश रचनी शुरू कर दी थी।
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित
धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों को विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुधवार को जेल भेज दिया गया।