
भारी बर्फबारी एवं बारिश के कारण 677 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए
किसानों और फल एवं सब्जी उत्पादकों को राहत मिली
उन्होंने कहा कि सड़कों पर जल्द ही यातायात बहाल हो जाएगा। राज्य के 12 में से पांच जिलों में
मंगलवार रात से रुक-रुक कर बर्फबारी जारी है
और स्थानीय मौसम कार्यालय ने एक फरवरी को पांच जिलों शिमला, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और
लाहौल एवं स्पीति में अलग-अलग स्थानों पर भारी बर्फबारी और
बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, तीन और चार फरवरी को आंधी तथा बिजली गिरने
लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
भारी बर्फबारी के पूर्वानुमान से किसानों और फल एवं सब्जी उत्पादकों को राहत मिली है जिन्हें लंबे समय
तक सूखे के कारण फसल का भारी नुकसान हुआ था।
कृषि विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि बारिश का मौसम रबी फसलों के लिए फायदेमंद होने की संभावना है।
शिमला में मौसम की पहली बर्फबारी खिल उठे पर्यटकों और किसानों के चेहरे
शिमला होटल एंड टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एम. के. सेठ ने कहा, भारी बर्फबारी ने पर्यटन और इससे जुड़े उद्योग को खुश कर दिया है
और हम फरवरी में अच्छे पर्यटन की उम्मीद कर रहे हैं। शिमला में सप्ताहांत के दौरान बर्फबारी के कारण पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
राज्य के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नारकंडा, कुफरी, शिमला, मनाली, रोहतांग, सांगला, डलहौजी और खजियार में भी बर्फबारी हो रही है।
शिमला जिले के चिड़गांव में 75 सेंटीमीटर बर्फ पड़ी जबकि शिकारी माता में 60 सेमी, कोठी में 50,
चांशेल तथा कामरू नाग में 45, मनाली में 37, केलांग में 32, बड़ा बंगाल तथा पराशर झील में 30, तिंदी, पांगी,
जोत तथा नौराधार में 25-25, कुकुमसेरी में 18.4, कोकसर में 16.2, खदराला में 16, शिल्लारू में 15 और सांगलामें 12.2 सेमी बर्फ पड़ी।
राज्य के निचली पहाड़ियों वाले इलाके में शीत लहर की स्थिति बनी रही और सुबह के समय कुछ स्थानों पर घना कोहरा छाया रहा।