
पर सोमवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान उतरे। सांचौर-बाड़मेर जिले से सटे
अगड़वा से गुजर रहे इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी आपातकालीन लैंडिंग फील्ड पर सबसे
पहले लडाकू विमान तेजस को टच एंड गो किया गया। इसके बाद तेजस उतरा।राजस्थान
के हाईवे पर आज भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान उतरे। सांचौर-बाड़मेर जिले से सटे
अगड़वा से गुजर रहे इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी आपातकालीन लैंडिंग फील्ड पर सबसे
पहले लडाकू विमान तेजस को टच एंड गो किया गया। इसके बाद तेजस उतरा। हवाई
पट्टी पर लडाकू विमानों को उतारने के अभ्यास के दौरान राजमार्ग पर यातायात पूरी
तरह से बंद किया गया था।
लड़ाकू विमान हाईवे पर उतरे
इसके बाद लड़ाकू विमान जगुआर और फिर सुखोई-30 सहित अन्य विमान उतारे गए। दोपहर में
सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और एंटोनोव एन-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उतरा। यह विमान 55
डिग्री सेल्सियस तापमान में भी उतर सकता है। पश्चिमी सीमा पर गर्मी के मौसम में तापमान 50
डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक तक पहुंच जाता है। हवाई पट्टी पर लडाकू विमानों को उतारने के
अभ्यास के दौरान राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह से बंद किया गया था। हवाई पट्टी को वायुसेना
के हवाले किया गया है।
राजस्थान में हाईवे पर उतरे लड़ाकू विमान तेजस और सुखोई
वायुसेना युद्ध और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में इस हवाई पट्टी का उपयोग कर सकेगी। यह हवाई
पट्टी करीब तीन किलोमीटर लंबी और 33 मीटर चौड़ी है। इसके निर्माण में 33.92 करोड़ रूपये का खर्च
हुआ है। यह हवाई पट्टी 19 महीने में बनकर तैयार हुई थी। सोमवार को लडाकू विमानों के हवाई पट्टी पर
उतारने को लेकर किए गए अभ्यास के लिए तीन दिन पहले से वायुसेना के अधिकारी और जवान यहां जमे
हुए थे। सांचौर-बाड़मेर जिले से सटे अगड़वा से गुजर रहे इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी आपातकालीन लैंडिंग
फील्ड पर सबसे पहले लडाकू विमान तेजस को टच एंड गो किया गया। इसके बाद तेजस उतरा। हवाई
पट्टी पर लडाकू विमानों को उतारने के अभ्यास के दौरान राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह से बंद किया गया था।