राम से तुलना करने वाले एक महल छोड़ दूसरे में जाते हैं

राम से तुलना करने वाले एक महल छोड़ दूसरे में जाते हैं
राम से तुलना करने वाले एक महल छोड़ दूसरे में जाते हैं
राज्यसभा सांसद ने कहा कि आज कल जो लोग अपनी तुलना प्रभु श्री राम से करवाते हैं,
महा त्याग बताकर एक महल छोड़ दूसरे महल में रहने जाते हैं। माया के पीछे आदर्श भूल
जाते हैं।राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने पोस्ट ‘एक्स’ के जरिए नेतृत्व और नैतिक
मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। आधुनिक नेताओं की तुलना भगवान राम से करते हुए
मालीवाल ने उनके त्याग और महिलाओं का सम्मान करने के तरीके में अंतर पर जोर दिया।
मालीवाल ने एक्स पर लिखा। एक थे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम, जिन्होंने महल छोड़
वन में 14 साल गुज़ारे। नारी सम्मान के लिए रावण जैसे शक्तिशाली राक्षस से युद्ध किया।जिन्होंने अपना महल छोड़ दिया और रावण जैसे शक्तिशाली

प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ भी महिलाओं की गरिमा के लिए लड़ते हुए 14 साल वनवास में

बिताए और इसकी तुलना वर्तमान नेताओं से की, जिनके बारे में उनका कहना है कि अगर

वे धन और शक्ति की खोज को भूल जाते हैं तो एक महल से दूसरे महल में चले जाते हैं।

 

राम से तुलना करने वाले एक महल छोड़ दूसरे में जाते हैं

राज्यसभा सांसद ने कहा कि आज कल जो लोग अपनी तुलना प्रभु श्री राम से करवाते हैं,

महा त्याग बताकर एक महल छोड़ दूसरे महल में रहने जाते हैं। माया के पीछे आदर्श भूल

जाते हैं। नारी पर वार करने वाले को बचाते हैं, इसी में सुकून पाते हैं। मालीवाल ने भगवान

राम के बारे में बात की, जिन्होंने अपना महल छोड़ दिया और रावण जैसे शक्तिशाली

प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ भी महिलाओं की गरिमा के लिए लड़ते हुए 14 साल वनवास में

बिताए और इसकी तुलना वर्तमान नेताओं से की, जिनके बारे में उनका कहना है कि अगर

वे धन और शक्ति की खोज को भूल जाते हैं तो एक महल से दूसरे महल में चले जाते हैं।

मालीवाल ने उन महिलाओं की रक्षा करने और ऐसे कृत्यों में आराम पाने के लिए आज

के नेताओं की भी आलोचना की। आज के नेतृत्व में आदर्शों के संरक्षण और महिलाओं के

सम्मान का आग्रह करते हुए उन्होंने भगवान राम की विरासत का सहारा लिया। 

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