
मुर्मू ने कहा कि सिंगापुर भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, महासागर
(क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति)
दृष्टिकोण और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख साझेदार है।
राष्ट्रपति भवन में सिंगापुर से आए प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए
राष्ट्रपति ने कहा कि अनिश्चित वैश्विक माहौल में भी भारत-सिंगापुर
व्यापक रणनीतिक साझेदारी आगे बढ़ रही है।
सिंगापुर के उपप्रधानमंत्री और व्यापार एवं उद्योग मंत्री गान किम
योंग के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने यहां मुर्मू से मुलाकात की।
यह प्रतिनिधिमंडल भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (आईएसएमआर)
की तीसरी बैठक के लिए दिल्ली में है।
उन्होंने इस वर्ष की शुरुआत में ‘‘द्विपक्षीय संबंधों’’ की स्थापना की 60वीं
वर्षगांठ के मौके पर राष्ट्रपति थर्मन षणमुगरत्नम की राजकीय यात्रा को याद किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने पहलगाम हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ सिंगापुर के कड़े रुख की सराहना की
मुर्मू ने कहा, ‘‘आईएसएमआर समेत उच्चतम स्तर पर इस तरह की नियमित
बातचीत हमारे बहुआयामी संबंधों को निरंतर गति प्रदान करेगी।’
’ राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया,
‘‘राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए जघन्य हमले के बाद
आतंकवाद के खिलाफ सिंगापुर के मजबूत रुख की सराहना की।’’
इस वर्ष 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में आतंकवादियों
ने 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी।
मुर्मू ने कहा कि सिंगापुर भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, महासागर
(क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति)
दृष्टिकोण और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख साझेदार है।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘व्यापार, निवेश, रक्षा, संस्कृति, शिक्षा और लोगों के बीच
आदान-प्रदान के क्षेत्रों में हमारी मजबूत साझेदारियां हैं।’’
उन्होंने कहा कि यह संतोष की बात है
कि साझेदारी अब कौशल विकास और हरित
अर्थव्यवस्था जैसे सहयोग के उभरते क्षेत्रों में भी विस्तारित हो रही है।