शाही ईदगाह मामले में मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका

शाही ईदगाह मामले में मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका
शाही ईदगाह मामले में मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका
मुकदमे पूजा स्थल अधिनियम, सीमा अधिनियम और विशिष्ट राहत अधिनियम द्वारा वर्जित हैं।
आज जस्टिस मयंक कुमार जैन ने मुस्लिम पक्ष की ओर से लगाई गई अर्जी को खारिज कर दिया।
मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में इलाहबाद हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला
सुनाया है। हाई कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की ऑर्डर 7 रूल 11 की आपत्ति वाली अर्जी को खारिज कर
दिया है। देवता और हिंदू पक्षों द्वारा दायर 18 मुकदमों की स्थिरता को शाही ईदगाह मस्जिद के
प्रबंधन ने चुनौती दी गई थी। जिसमें तर्क दिया गया था कि मुकदमे पूजा स्थल अधिनियम,
सीमा अधिनियम और विशिष्ट राहत अधिनियम द्वारा वर्जित हैं। आज जस्टिस मयंक कुमार
जैन ने मुस्लिम पक्ष की ओर से लगाई गई अर्जी को खारिज कर दिया। मथुरा के श्रीकृष्ण
जन्मभूमि ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में इलाहबाद हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।
हाई कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की ऑर्डर 7 रूल 11 की आपत्ति वाली अर्जी को खारिज कर दिया है।
देवता और हिंदू पक्षों द्वारा दायर 18 मुकदमों की स्थिरता को शाही ईदगाह मस्जिद के प्रबंधन
ने चुनौती दी गई थी।
 

शाही ईदगाह मामले में मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका

अदालत के समक्ष, प्रबंधन ट्रस्ट शाही मस्जिद ईदगाह (मथुरा) की समिति ने मुख्य रूप से तर्क

दिया कि पूजा स्थलों के समक्ष लंबित मुकदमे एचसी अधिनियम 1991, परिसीमन अधिनियम

1963 और विशिष्ट राहत अधिनियम 1963 पर रोक लगाते हैं। मस्जिद समिति की ओर से पेश

होते हुए वकील तस्नीम अहमदी ने मुख्य रूप से तर्क दिया कि एचसी के समक्ष लंबित अधिकांश

मुकदमों में वादी भूमि के मालिकाना अधिकार की मांग कर रहे है। कृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ और

शाही मस्जिद ईदगाह के प्रबंधन ने विवादित भूमि को विभाजित कर दिया और 2 समूहों को एक-दूसरे

के क्षेत्रों (13.37 एकड़ परिसर के भीतर) से दूर रहने के लिए कहा, हालांकि, मुकदमे विशेष रूप से

उपासना अधिनियम 1991, सीमा अधिनियम 1963 और साथ ही विशिष्ट राहत अधिनियम 1963

कानून द्वारा वर्जित है। 

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