सुनें प्रिया यादव की कहानी जिसकी लव मैरिज ने ही कर दी लाइफ तबाह

सुनें प्रिया यादव की कहानी जिसकी लव मैरिज ने ही कर दी लाइफ तबाह
सुनें प्रिया यादव की कहानी जिसकी लव मैरिज ने ही कर दी लाइफ तबाह
शादी सिर्फ दो लोगों के बीच का रिलेशन नहीं होता वो दो फैमिलीज़ के बीच की सोच समझ
होती है और अगर वो सिर्फ एक ही तरफा हो रही है तो वो रिलेशन नहीं चला सकता। जैसे
ताली एक हाथ से नहीं बजती उसी तरह से एक तरफा चीज़े नहीं चल सकती।प्रभासाक्षी ने
जोश टॉक्स के साथ एक नई सीरिज़ की शुरुआत की है जिसका नाम है ब्रेव बाइट्स जहाँ ह
म बात करते हैं उन जांबाज़ लोगों से जिन्होंने ना सिर्फ अपनी ज़िन्दगी की जंग को बखूबी
लड़ा बल्कि बहुत सारे और लोगों को भी इंस्पायर किया है। आपने सुना होगा कि शादी दो
लोगों के बीच नहीं बल्कि दो परिवारों के बीच का रिश्ता होता है जहाँ सिर्फ एक इंसान उसको
आगे नहीं बढ़ा सकता। दोनों तरफ से वो रिश्ता आगे बढ़ता है। कुछ लोग बहुत भरोसे,
ज़िम्मेदारी और प्यार के साथ उसे आगे लेकर जाते हैं लेकिन बहुत सारे लोग उसको एक
बोझ की तरह उठाकर चलते हैं। सबके अपने उतार चढ़ाव होते हैं और अलग अलग संघर्ष
होते हैं।ऐसी ही एक अलग कहानी को लेकर हमारे साथ जुडी हैं प्रिया यादव जिन्होंने अपनी
जंग को ना सिर्फ लड़ा बल्कि उस पर डटी रहीं और अपने लिए एक नाम कमाया और साथ
ही बहुत सारे और लोगों के लिए भी इंस्पिरेशन बनीं। आइये जानते हैं कि हमने आगे प्रिया
यादव से क्या बातचीत की

सुनें प्रिया यादव की कहानी जिसकी लव मैरिज ने ही कर दी लाइफ तबाह

मुझे लगता है अगर मैंने वो सब एक्सपीरियंस नहीं देखा होता तो शायद आज मैं यहां होती

भी नहीं। बहुत सारे उतार चढ़ाव रहे हैं, कुछ अच्छी चीज़ें  भी रही हैं, कुछ बुरी चीज़ें भी रही हैं।

कहते हैं न कि चीज़ें हमेशा ही बुरी नहीं होती बस परिस्थितियाँ उन्हें ऐसा बना देती हैं। लेकिन

यहां कुछ और ही था मैं यहां बोलूंगी कि शादी के कुछ दिनों बाद से नहीं बल्कि कुछ घंटों बाद

से ही वो परस्थितियाँ अलग हो गयी थी। जहां पहले हर चीज में हाँ होती थी बाद में वो हर चीज

हां से ना में बदलने शुरू हो गई।मेरे सास ससुर ने तो यह भी बोल दिया कि आपके पेरेंट्स ने हमें

वो नहीं दिया जो हमें चाहिए था। एक बार यह भी बोला था कि हमने तो शायद कभी सोचा नहीं

था कि हम उस नदी में भी कभी जाएंगे तो यह बात एक औरत के लिए बहुत बड़ी चीज होती है

कि उसके ससुरालवाले उसको यह बोले कि हमने तो कभी सोचा नहीं था कि हम तुम्हारे घर भी

जाएंगे। ये तो हमारे बेटे को तुम पसंद थी तो हमें इसे मानना पड़ा। जैसे  कि आपने भी शुरुआत

में बोला कि जो शादी होती है वो सिर्फ दो लोगों के बीच का रिलेशन नहीं होता वो दो फैमिलीज़

के बीच की सोच समझ होती है और अगर वो सिर्फ एक ही तरफा हो रही है तो वो रिलेशन नहीं

चला सकता। जैसे ताली एक हाथ से नहीं बजती उसी तरह से एक तरफा चीज़े नहीं चल सकती। 

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