
सुनें प्रिया यादव की कहानी जिसकी लव मैरिज ने ही कर दी लाइफ तबाह
मुझे लगता है अगर मैंने वो सब एक्सपीरियंस नहीं देखा होता तो शायद आज मैं यहां होती
भी नहीं। बहुत सारे उतार चढ़ाव रहे हैं, कुछ अच्छी चीज़ें भी रही हैं, कुछ बुरी चीज़ें भी रही हैं।
कहते हैं न कि चीज़ें हमेशा ही बुरी नहीं होती बस परिस्थितियाँ उन्हें ऐसा बना देती हैं। लेकिन
यहां कुछ और ही था मैं यहां बोलूंगी कि शादी के कुछ दिनों बाद से नहीं बल्कि कुछ घंटों बाद
से ही वो परस्थितियाँ अलग हो गयी थी। जहां पहले हर चीज में हाँ होती थी बाद में वो हर चीज
हां से ना में बदलने शुरू हो गई।मेरे सास ससुर ने तो यह भी बोल दिया कि आपके पेरेंट्स ने हमें
वो नहीं दिया जो हमें चाहिए था। एक बार यह भी बोला था कि हमने तो शायद कभी सोचा नहीं
था कि हम उस नदी में भी कभी जाएंगे तो यह बात एक औरत के लिए बहुत बड़ी चीज होती है
कि उसके ससुरालवाले उसको यह बोले कि हमने तो कभी सोचा नहीं था कि हम तुम्हारे घर भी
जाएंगे। ये तो हमारे बेटे को तुम पसंद थी तो हमें इसे मानना पड़ा। जैसे कि आपने भी शुरुआत
में बोला कि जो शादी होती है वो सिर्फ दो लोगों के बीच का रिलेशन नहीं होता वो दो फैमिलीज़
के बीच की सोच समझ होती है और अगर वो सिर्फ एक ही तरफा हो रही है तो वो रिलेशन नहीं
चला सकता। जैसे ताली एक हाथ से नहीं बजती उसी तरह से एक तरफा चीज़े नहीं चल सकती।