विश्व की प्राचीनतम भाषाओं में से एक हिंदी
संविधान सभा में 14 सितंबर 1949 को भारत की आधिकारिक
भाषा के रूप में हिंदी को चुना गया था, इसीलिए
इस तिथि को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है.
संस्कृत, पाली, प्राकृत के बाद अपभ्रंश होते हुए हिंदी भाषा का उदय हुआ.
हिंदी भाषा के विकास क्रम को प्राचीन, मध्यकालीन एवं आधुनिक
हिंदी के रूप में बाँटा गया है. हिंदी भाषा को 5
उपभाषाओं में बाँटा गया है, जिसके अंतर्गत हिंदी की 17 बोलियां आती हैं.
हिंदी विश्व में तीसरी सर्वाधिक बोले जाने वाली भाषा है
गोरखनाथ, विद्यापति, महाकवि तुलसीदास, संत सूरदास, मीराबाई से लेकर भारतेंदु हरिश्चंद्र, मुंशी
प्रेमचंद, मैथिलीशरण गुप्त, सुभद्राकुमारी चौहान, रामधारी सिंह दिनकर जैसे महान कवियों
एवं लेखकों ने हिंदी भाषा का ना केवल मान बढ़ाया बल्कि
हिंदी भाषा के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया.
दुनियाभर में कई भाषाएं बोली जाती हैं. अलग-अलग देशों के लोग
जिसका इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है. सिर्फ भारत ही नहीं
इन भाषाओं का इस्तेमाल करते हैं. ऐसा भी नहीं है कि एक देश में
सिर्फ एक ही भाषा बोली जाती है, देशों में कई अलग-अलग भाषाएं
बोलने वाले लोग रहते हैं. हिंदी भी दुनियाभर की उन भाषाओं में शामिल है,
दुनिया के कई देशों में हिंदी बोली जाती है. हिंदी दिवस के मौके पर जानते हैं
कि दुनियाभर के देशों में सबसे ज्यादा कौन सी
भाषा बोली जाती है और हिंदी कौन से पायदान पर है
हिंदी विश्व में तीसरी सर्वाधिक बोले जाने वाली भाषा है
वर्ल्ड लैंग्वेज डेटाबेस के मुताबिक दुनियाभर में सबसे ज्यादा बोली जाने
वाली भाषा अंग्रेजी है. दुनिया के करीब 113 करोड़ लोग इस भाषा का इस्तेमाल करते हैं.
इसके बाद चीन में बोली जाने वाली भाषा मैंड्रेन दूसरे नंबर पर है.
इस भाषा का इस्तेमाल दुनियाभर में करीब 111 करोड़ लोग करते हैं.
चीन के अलावा दुनिया के कई देशों में इस भाषा का इस्तेमाल होता है.
