
80 हजार दीपों से बना स्वास्तिक पूरे विश्व को देगा शुभता का संदेश
छोटी दीपावली के दिन 30 अक्टूबर को 28 लाख दीयों में तेल, बाती लगाकर देर शाम प्रज्ज्वलित
करने के साथ एक नया विश्व रिकार्ड कायम करेंगे। दूसरी ओर घाटों पर घाट प्रभारी व समन्वयक
द्वारा समय-समय पर वालंटियर को दिशा-निर्देश प्रदान किए जा रहे है। बहुत ही सावधानी से
वालंटियर गत्तों से दीए निकालकर घाटों पर बिछाने का कार्य कर रहे है। इन वालंटियर को घाटों पर
स्वच्छ पानी पीने की व्यवस्था सामग्री संयोजक प्रो सिद्धार्थ शुक्ला व प्रो गंगाराम मिश्र की देखरेख
में की गई है। सभी को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त वांलटियर के लिए
भोजन की व्यवस्था भी की गई। भोजन समिति के संयोजक प्रो चयन कुमार मिश्र व उनके सहयोगियों
द्वारा भजन संध्या स्थल पर वालंटियर को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। दूसरी ओर विवि के
उपकुलसचिव दिनेश कुमार मौर्य द्वारा नगर निगम की मदद से घाटों की स्वच्छता के लिए भारी
भरकम टीम उतार दी गई है। इनके द्वारा घाटों की साफ-सफाई कराई जा रही है। दीपोत्सव नोडल
अधिकारी प्रो संत शरण मिश्र ने बताया कि दीपोत्सव के विश्व कीर्तिमान के लिए विवि परिसर सहित
14 महाविद्यालय, 37 इण्टर कालेज, 40 एनजीओ के 30 हजार वालंटियर लगाये गए है। सरयू के
55 घाटों पर 30 एमएल दीए के 16 गुणे 16 का एक ब्लाक वालंटियर द्वारा बनाया जा रहा है।
जिनमें 256 दीए बिछाये जा रहे है। दीपोत्सव के दिन 30 एमएल दीए में 30 एमएल सरसों को
इस्तेमाल किया जायेगा। घाट प्रभारी व समन्वयक की देखरेख में बड़ी सावधानी से दीए में
तेल डालने का काम करेंगे।