
न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करने वाले एक वकील ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव
और न्यायमूर्ति सी.एम. जोशी की पीठ के समक्ष इस मामले का तत्काल उल्लेख किया। राज्य
का प्रतिनिधित्व कर रहे महाधिवक्ता शशि किरण शेट्टी ने अदालत को आश्वासन दिया कि सभी
आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और एक विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
शेट्टी ने पीठ से कहा, “यह कोई विरोधात्मक मामला नहीं है। हम राज्य के किसी भी नागरिक
की तरह चिंतित हैं। हम प्रस्तुत करेंगे कि क्या किया गया है और हम किसी भी सुझाव के लिए खुले हैं।
Bengaluru Stampede Case में कर्नाटक हाई कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
घटना के बाद, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक प्रतिनिधियों द्वारा कई शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने आईपीसी की धारा 106 के तहत कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन
में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें कथित लापरवाही के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के.
शिवकुमार और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के अधिकारियों का नाम लिया गया। इसके
अलावा, आम आदमी पार्टी-कर्नाटक के राज्य युवा अध्यक्ष लोहित हनुमानपुरा ने केएससीए
और स्टेडियम के सीईओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए शिकायत
दर्ज कराई।