
हम आपको बता दें कि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे ईडी निदेशक राहुल
नवीन ने जोनल प्रमुखों को लंबित जांचों को शीघ्र निपटाने
अंतिम अभियोजन शिकायत दाखिल करने
और मुकदमों को तेज गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
अक्सर जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी किसी शहर
में पहुंचते हैं तो छापेमारी और कार्रवाई की सुर्खियां बनती हैं।
लेकिन इस बार तस्वीर अलग थी। श्रीनगर में 12 और 13 सितंबर
को जब ईडी की त्रैमासिक जोनल अधिकारियों की कांफ्रेंस
आयोजित हुई तो किसी छापेमारी की चर्चा नहीं हुई
बल्कि कश्मीर के सुरक्षा परिदृश्य की छवि को नयी दिशा मिली।
ED Director समेत सारे बड़े अधिकारी Kashmir आये, मगर कोई छापा नहीं मारा गया, ऐसा क्यों हुआ?
देखा जाये तो हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद
देश और दुनिया के सामने कश्मीर की सुरक्षा
स्थिति पर सवाल उठने लगे थे।
ऐसे में ईडी का शीर्ष सम्मेलन श्रीनगर में आयोजित होना
अपने आप में संदेश है कि घाटी अब राष्ट्रीय स्तर की गतिविधियों
और विमर्श के लिए सुरक्षित, जीवंत और भविष्यवादी स्थान बन चुकी है।
ईडी ने अपने बयान में भी स्पष्ट किया
कि इस सम्मेलन की सफलता ने घाटी की सुरक्षा पर विश्वास बहाल किया है।
हम आपको बता दें कि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे
ईडी निदेशक राहुल नवीन ने जोनल प्रमुखों को लंबित जांचों को शीघ्र निपटाने
अंतिम अभियोजन शिकायत दाखिल करने और मुकदमों को तेज गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।