जन्मदिन पर दान देकर कायम किया उदाहरण

 

जन्मदिन पर दान देकर कायम किया उदाहरण
जन्मदिन पर दान देकर कायम किया उदाहरण
अहमदाबाद के असारवा क्षेत्र स्थित दर्दी सहायक ट्रस्ट जो सिविल अस्पताल के हर विभाग जैसे किडनी,
कार्डियोलॉजी, कैंसर, स्त्रीरोग,पैराप्लेजिया आदि में मरीजों के इलाज और ऑपरेशन में मदद करने का
काम करता है जिसमें महंगे इंजेक्शन व अन्य महंगी दवाइयों के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता
प्रदान की जाती है।शाम जतिनभाई पटेल (उम्र २४) और निधि जतिनभाई पटेल (उम्र २६) गुजरात
के जाने-माने उद्योगपति और १९६७ से सेवाकर्मी श्री मगनभाई पटेल के पोते-पोती  हैं। अपने दादा
मगनभाई पटेल की तरह वे भी कई वर्षों से समाज सेवा के कार्यों में लगे हुए हैं।गुजरात टेक्नोलॉजिकल
यूनिवर्सिटी (GTU) से बी.ई. मैकेनिकल इंजीनियरिंग में प्रथम श्रेणी डिस्टिंक्शन के साथ स्नातक
करनेवाले शाम जतिनभाई पटेल वर्तमान में अमेरिका के एक शीर्ष कॉलेज में दाखिला लेने के बाद
वित्त और विपणन प्रबंधन में मास्टर डिग्री के लिए अध्ययन कर रहे हैं। जबकि निधि जतिनभाई
पटेलने जी.टी.यू. से ६९% अंकों के साथ बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर की परीक्षा पास की और
अहमदाबाद में जानेमाने आर्किटेक्ट के कार्यालय में ६ महीने का अनुभव प्राप्त किया। उन्होंने
भारत सरकार के काउंसिल ऑफ़ आर्किटेक्चर से लाइसेंस प्राप्त कर के अपने प्रोजेक्ट से करीब
१,५०,०००रुपए की धनराशि अर्जित की और उसे दान के लिए दादा मगनभाई पटेल के पास छोड़
दि। वर्तमान में वह अमेरिका के एक शीर्ष विश्वविद्यालय में मास्टर ऑफ आर्किटेक्चर की
पढ़ाई कर रही हैं।  

जन्मदिन पर दान देकर कायम किया उदाहरण

यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि दादा मगनभाई पटेल इन दोनों भाई-बहनों को हर महीने दस-दस

हजार रुपये पॉकेट मनी के रूप में देते थे, जिसे ये दोनों बचाकर अपने जन्मदिन पर इकट्ठी हुई

राशि को धर्मार्थ कार्यों के लिए दान करते रहते है। वर्ष २०१४ से २०२५ तक पिछले ११ वर्षों में

इन दोनों भाई-बहनोंने अपने दादाजी से मिले पॉकेट मनी में से १५ लाख रुपए से अधिक की

राशि शिक्षा,स्वास्थ्य एव  शारीरिक व मानसिक रूप से विकलांगों और दिव्यांग लोगो के लिए

दान कर दी है और आज भी कर रहे हैं। देश के युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से हम इन

दोनों भाई-बहनों के सेवा कार्यों के कुछ अंश हम आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं। पिछले ११

वर्षों से यानी २०१४ से २०२५ तक दोनों भाई-बहन अपने जन्मदिन को अपने परिवार के

सदस्यों के साथ बहुत ही सादगी से मनाते आ रहे हैं। साथ ही, वे अपने जन्मदिन पर होने

वाले खर्च में भी मितव्ययिता बरतते रहे हैं और बचाई गई राशि को सामाजिक संस्थाओं

को दान करते रहते हैं। इन दोनों भाई-बहनों के पिता जतिनभाई मगनभाई पटेल,जिनके

पास वर्ष १९९४ से अमेरिकी नागरिकता होने के बावजूद आज करीब ३० साल से भारत में

अपने पिता मगनभाई पटेल और माता शांताबेन मगनभाई पटेल के साथ सेवाकार्यों में जुटे

हैं। उनके बच्चे शाम और निधिबेन अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत में अपने

अभ्यास अनुसार अपना उद्योग करेंगे और समाज सेवामें जुड़ेंगे,जो आज के युवाओं के

लिए प्रेरणा सन्देश है। गुजरात की विविध सामाजिक संस्थाओ में किये गए इन बच्चो के

सेवाकार्य कुछ इस प्रकार है।

 

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