मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अरविंद केजरीवाल को नहीं मिली राहत

 

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अरविंद केजरीवाल को नहीं मिली राहत
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अरविंद केजरीवाल को नहीं मिली राहत
शनिवार को शहर की अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका पर केजरीवाल को
12 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जिसने 26 जून को आम आदमी पार्टी (आप)
संयोजक को गिरफ्तार किया था।दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को कथित उत्पाद शुल्क नीति
घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 12
जुलाई तक बढ़ा दी। केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा की
अदालत में पेश हुए। अदालत ने 22 अप्रैल को अदालत के आदेश के तहत एम्स द्वारा गठित विशेष
बोर्ड के साथ किए जा रहे चिकित्सा परामर्श के दौरान अपनी पत्नी की उपस्थिति की मांग करने
वाली केजरीवाल की अर्जी पर भी अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। अदालत 6 जुलाई को अपना आदेश सुनाएगी।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अरविंद केजरीवाल को नहीं मिली राहत

 शनिवार को शहर की अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका पर केजरीवाल को

12 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जिसने 26 जून को आम आदमी पार्टी (आप)

संयोजक को गिरफ्तार किया था। इससे पहले दिन में, केजरीवाल ने उनके खिलाफ सीबीआई द्वारा

दर्ज मामले के संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया था। केजरीवाल के वकील रजत

भारद्वाज ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ के

समक्ष जमानत याचिका का उल्लेख किया।भारद्वाज ने अदालत से आम आदमी पार्टी (आप) के

राष्ट्रीय संयोजक की याचिका को गुरुवार को सूचीबद्ध करने का आग्रह किया, जिसमें आरोप लगाया

गया है कि सीएम को सीआरपीसी की धारा 41 का अनुपालन किए बिना अवैध हिरासत में लिया गया

था। जमानत याचिका दायर की है। आवेदक को धारा 41 का अनुपालन किए बिना अवैध हिरासत में

ले लिया गया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन ने कहा कि विवाद पर विचार करते हुए

अदालत मामले को शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमत हो गई।

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