
फरीदाबाद। वैसे तो प्रशासन ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए तरह-तरह का प्रचार किया था। लगातार स्कूल व कालेजों में छात्रों को जागरूक किया था। लेकिन मतदान वाले दिन सभी दावे हवाई साबित हुए।शासन का दावा था कि सभी मतदान केंद्रों पर पेयजल व धूप से बचने के लिए टेंट की व्यवस्था की जाएगी लेकिन ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया। पेयजल के नाम पर टंकियों का पानी था और लंबी लाइन में लगे मतदाता धूप की वजह से परेशान रहे।हालांकि इसके बावजूद ग्रामीण वोट देने के लिए लंबी लाइनों में भी अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
दिखाई दिया खूब उत्साह
शनिवार सुबह से ही उमसभरी गर्मी शुरू हो गई थी। लोग तेज धूप से बचने के लिए
सात बजे मतदान को निकल गए। इस कारण केंद्रों पर लंबी लाइन दिखाई दी। आठ
बजते-बजते भीड़ होना शुरू हो गई। खूब अव्यवस्था थी, उमसभरी गर्मी थी लेकिन
मतदाताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। सिर पर कपड़ा ढंके लोगों ने मतदान के लिए
क से डेढ़ घंटे तक इंतजार किया। हालांकि दोपहर को मतदान केंद्र खाली नजर आए।
दिव्यांगों की व्हील चेयर गायब
यदि बात करें दिव्यांगों के लिए व्यवस्था की तो उसमें भी निराशा हाथ लगी। कुछ एक
केंद्रों पर व्हील चेयर तो रखी थी लेकिन इसे ले जाने वाला कोई नहीं था। इसलिए
दिव्यांग व अधिक बुजुर्ग अपने स्वजन के सहारे मतदान केंद्रों पर जाते हुए नजर आए।
तपती गर्मी पर उत्साह दिखाई दिया भारी
लोकसभा निर्वाचन अधिकारी विक्रम सिंह ने दावा किया था कि बीएलओ के माध्यम से
मतदाताओं के घर तक वोटर स्लिप पहुंचेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। आधे से अधिक
मतदाता मतदान केंद्रों पर अपनी मत पर्ची ढूंढते हुए नजर आए। इसके लिए एक से दो
घंटे तक लग गए। फिर वोट डालने में घंटाभर लगा। इस दौरान गर्मी ने भी मतदाताओं
को खूब परेशान किया।