भारत की सरहदों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में ISRO निभा रहा अहम भूमिका

भारत की सरहदों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में ISRO निभा रहा अहम भूमिका
भारत की सरहदों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में ISRO निभा रहा अहम भूमिका
देश के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के रणनीतिक उद्देश्य से कम से कम 10
सैटेलाइट लगातार चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। इम्फाल में कल केंद्रीय कृषि
विश्वविद्यालय (सीएयू) के 5वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए इसरो प्रमुख
ने पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संगठन
के प्रयासों पर प्रकाश डाला।भारत और पाकिस्तान के बीच इन दिनों तनाव की स्थिति
बनी हुई है। हालांकि दोनों देशों के बीच तनाव थोड़ा कम हुआ है मगर ये पूरी तरह से खत्म
नहीं हुआ है। भारत की सरहदों की सुरक्षा करने के लिए सेना के जवान लगातार सरहद
पर पहरा दे रहे है। इसी बीच भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष वी नारायणन
ने भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।उन्होंने बताया कि देश के नागरिकों की सुरक्षा
सुनिश्चित करने के रणनीतिक उद्देश्य से कम से कम 10 सैटेलाइट लगातार चौबीसों
घंटे काम कर रही हैं। इम्फाल में कल केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (सीएयू) के 5वें दीक्षांत
समारोह को संबोधित करते हुए इसरो प्रमुख ने पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच देश
की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संगठन के प्रयासों पर प्रकाश डाला।

भारत की सरहदों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में ISRO निभा रहा अहम भूमिका

इसरो अध्यक्ष ने कहा, “देश के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के रणनीतिक

उद्देश्य से कम से कम 10 उपग्रह लगातार चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। वी नारायणन

ने कहा आप सभी हमारे पड़ोसियों के बारे में जानते हैं। अगर हमें अपने देश की सुरक्षा

सुनिश्चित करनी है, तो हमें अपने उपग्रहों के माध्यम से सेवा करनी होगी। हमें अपने

7,000 किलोमीटर के समुद्री तट क्षेत्रों की निगरानी करनी होगी। हमें पूरे उत्तरी भाग

पर लगातार नज़र रखनी होगी। उपग्रह और ड्रोन तकनीक के बिना, हम यह हासिल नहीं कर सकते।”

सेना ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उत्तरी और पश्चिमी अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी)

के इलाकों में रात के समय मची अराजकता और झड़पों के बाद, 11 और 12 मई की

मध्य रात्रि में क्षेत्र में काफी हद तक शांति बनी रही। सेना के अनुसार, जम्मू एवं

कश्मीर तथा अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगे अन्य क्षेत्र शांत हैं तथा युद्ध विराम समझौते

के उल्लंघन की कोई घटना सामने नहीं आई है।

पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, पंजाब और गुजरात के सीमावर्ती

इलाकों में पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी और ड्रोन हमलों की कोशिशें देखी

गईं, जिनका उद्देश्य क्षेत्र में शांति को बाधित करना था।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »