संसद ने बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी, विपक्ष ने गिनाई कमियां

संसद ने बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी, विपक्ष ने गिनाई कमियां
संसद ने बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी, विपक्ष ने गिनाई कमियां
विधेयक में एक और बदलाव बैंक में किसी व्यक्ति के ‘पर्याप्त हित’ शब्द को फिर से परिभाषित करने से संबंधित है।
विधेयक को उच्च सदन में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
राज्यसभा में विधेयक पर बहस का जवाब देते हुए
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भले ही एनपीए में भारी कमी आई है।
इसे राज्यसभा ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी है। इस बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक
2024 बैंक खाताधारकों को अधिकतम चार नामांकित व्यक्ति रखने की अनुमति देता है।
लोकसभा ने दिसंबर 2024 में बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक पारित किया था।

विधेयक में एक और बदलाव बैंक में किसी व्यक्ति के ‘पर्याप्त हित’

शब्द को फिर से परिभाषित करने से संबंधित है।

विधेयक को उच्च सदन में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

संसद ने बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी, विपक्ष ने गिनाई कमियां

राज्यसभा में विधेयक पर बहस का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा

कि भले ही एनपीए में भारी कमी आई है

लेकिन सरकार जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों

के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रवर्तन निदेशालय ने बैंक धोखाधड़ी

से संबंधित लगभग 112 मामले अपने हाथ में लिए हैं

जिनमें जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों से संबंधित मामले भी शामिल हैं।

चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों द्वारा उठाए गए

खराब ऋणों से संबंधित मुद्दों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा

“बट्टे खाते में डालने का मतलब ऋण माफ करना नहीं है”, और बैंक धनराशि वसूलने के लिए प्रयास जारी रखेंगे।”

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