
Kazan ने खींचा दुनिया का ध्यान
कज़ान का स्थान और औद्योगिक कौशल इसे रूस और उसके अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों
दोनों के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं। पीएम मोदी के लिए उनकी कज़ान यात्रा
कूटनीतिक लिहाजे से काफी अहम है। यह न केवल रूस के साथ भारत के संबंधों
को मजबूत करता है, बल्कि सरकार से सरकार और लोगों से लोगों के बीच के गहरे
संबंधों के द्वार भी खोलता है। जुलाई 2024 में रूस की अपनी पिछली यात्रा में मोदी
ने भारत की राजनयिक पहुंच में कज़ान की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए
कज़ान और येकातेरिनबर्ग में दो नए भारतीय वाणिज्य दूतावास खोलने की घोषणा
की थी। कज़ान भारत के बहुत करीब है, क्योंकि इसकी 3,750 किमी की दूरी मॉस्को
(4,340 किमी) या सेंट पीटर्सबर्ग (4,928 किमी) की तुलना में काफी कम है, जो
इसे भारत के लिए एक आदर्श राजनयिक केंद्र बनाती है। कज़ान में वाणिज्य दूतावास
कज़ान के औद्योगिक आधार का लाभ उठाते हुए, दोनों देशों के बीच आर्थिक और
सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए तैयार है।रूस का राज्य तातारस्तान तेल
के क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही की राजधानी कजान है, जहां
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंचों का आयोजन होता है। भारतीय यहां आईटी, फार्मास्यूटिकल्स
और मशीनरी जैसे क्षेत्रों में अवसर तलाशते है। तातारस्तान में हर साल करीब 32
मिलियन टन कच्चे तेल का उत्पादन होता है। इसी क्षेत्र में भारत ने व्यापार और
निवेश बढ़ाने में रुचि भी दिखाई है। कजान में ही भारत वाणिज्य दूतावास भी
खेलने जा रहा है।कजान शहर रूस के सबसे बड़े औद्योगिक और वित्तीय केंद्रों
में से एक है।