
कांग्रेस विधायक विजय नामदेवराव वडेट्टीवार ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय
मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जैसे लोगों के सत्ता में रहते हुए बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं
है। उन्होंने मांग की कि प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से हटाया जाए।
वडेट्टीवार ने यहां पत्रकारों से कहा, धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटा दिया
जाना चाहिए क्योंकि वे इसके लायक नहीं हैं। अगर सरकार में थोड़ी भी
जवाबदेही की भावना है, तो उसे गड़बड़ियों को ठीक करना चाहिए। ऐसे
लोगों से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती। जब तक धर्मेंद्र प्रधान जैसे लोग
सत्ता में रहेंगे, तब तक बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
NEET विवाद पर Congress का बड़ा हमला
उनके ये बयान शिक्षा से जुड़ी नीतियों और परीक्षा प्रणालियों को लेकर
विपक्ष और केंद्र के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच आए हैं।
इस बीच, नागपुर के एक NEET उम्मीदवार को परीक्षा के लिए पसंदीदा
शहर के तौर पर नागपुर चुनने के बावजूद अबू धाबी, संयुक्त अरब
अमीरात (UAE) में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया। यह घटनाक्रम
21 जून को होने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा से ठीक एक दिन पहले
सामने आया, जिससे उम्मीदवार और उसका परिवार अनिश्चितता की
स्थिति में आ गए।बाद में, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक
अभिषेक सिंह ने शनिवार को स्पष्ट किया कि NEET UG 2026 की
दोबारा परीक्षा के लिए नागपुर के एक छात्र को अबू धाबी में परीक्षा केंद्र
आवंटित किए जाने का मामला सुलझा लिया गया है। एएनआई से बात
करते हुए, एनटीए के DG अभिषेक सिंह ने बताया कि गड़बड़ी को ठीक
कर दिया गया है और छात्र को उनके गृह नगर में ही परीक्षा केंद्र आवंटित
किया गया है। सिंह ने ANI को बताया, मामला सुलझा लिया गया है और
उम्मीदवार को अब नागपुर में परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया है। कांग्रेस
नेता राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नागपुर के एक
NEET उम्मीदवार के बारे में एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने आरोप लगाया
कि NTA द्वारा आयोजित पुनः परीक्षा के लिए छात्र को कथित तौर पर अबू
धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने के बाद उसे भारी परेशानी का
सामना करना पड़ा।